बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ इस्कॉन मंदिर के पुजारियों ने निकाला मार्च
- फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ इस्कॉन मंदिर की ओर से शांति मार्च निकाला गया। दुनिया भर में इस्कॉन के लगभग 850 मंदिरों में एक साथ एक ही समय पर विरोध जताया गया। शनिवार को इस्कॉन मंदिर से निकला शांति मार्च जवाहर नगर कॉलोनी से होते हुए पीएमओ कार्यालय पहुंचा। मंदिर के पुजारियों ने पीएमओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को इस्कॉन, भारत सेवाश्रम संघ, परमार्थ साधक संघ सहित कई हिंदू संगठन के लोग वी वांट जस्टिस, जस्टिस फार बांग्लादेशी हिंदूज, बांग्लोदश में हिंदुओं की हत्या बंद हो के नारे लिखी हुई तख्तियां लिए हुए चल रहे थे। शांति मार्च के दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए अच्युत मोहनदास, स्वामी ब्रह्ममयनंद और प्रण चैतन्यपुरी ने कहा कि वैदिक संस्कृति सदैव से जियो और जीने दो की राह दिखाई है।
हिंदू धर्म सनातन काल से सभी मानव के कल्याण के लिए अग्रसर है। यही कारण है कि सभी धर्मों के लोग भारत को अपना घर समझते हैं। हमारी सहनशीलता को कमजोरी ना समझें और बांग्लादेश सरकार इस पर तत्काल अंकुश लगाएं। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। इस दौरान सत्य संकर्षण, साक्षी मुरारी प्रभु, रसिक गोविंद प्रभु, मुरारी गुप्त दास, निर्मल प्रभु, उत्तम श्रीवास्तव उपस्थित रहे।