शहर में बढ़ती टप्पेबाजी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश जिस वक्त बैठक ले रहे थे, उसी समय चांदपुर चौराहे पर टप्पेबाजी की घटना हो गई। यही वजह रही कि तुरंत पुलिस पीड़ित दंपती को साथ लेकर टप्पेबाज और हैंड बैग की शिनाख्त के लिए साथ-साथ टहलाती रही। हालांकि इसका कोई फायदा पुलिस को नहीं मिला।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि टप्पेबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेकर टीम काम कर रही है। पूर्व की घटनाओं के समय, स्थान और स्टाइल की बारीकी से समीक्षा कराई जा रही है। टप्पेबाज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के शामिल हो सकते हैं। इसका पुख्ता संकेत मिला है। पुराने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। यह ऐसा गिरोह है जो लोगों का ध्यान भटकाकर शिकार बनाता है। इनकी नजर सिर्फ कैश और जेवर पर होती है। लैपटॉप और मोबाइल फेंक देते हैं। यह शहर के आउटर इलाकों में ठिकाना बदल-बदल कर रहते हैं। इन्हे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।