भारत में प्राचीन काल से धर्म सत्ता राज सत्ता से हमेशा सर्वोपरि रही है। एक संत को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार से मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने से किसी को भी अधिकार नहीं मिल जाता कि उन्हें गंदी राजनीति का शिकार बनाया जाए। उन पर निशाना साधने के लिए संत समाज के विषय में आपत्तिजनक व निचले स्तर की टिप्पणियां की जाएं। अखिलेश यादव व राहुल गांधी जैसे नेता केवल अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के चलते सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी ओछी टिप्पणियां कर रहे हैं।
स्वामी ने अखिलेश यादव और उनके प्रवक्ताओं से संतों का अपमान करने के लिए पूरे संत व सनातन समाज से बिा देरी किए माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा अगर अखिलेश यादव क्षमा नहीं मांगते तो संत समाज सक्रिय रूप से पूरे देश मे घर-घर जाकर इस पितृ द्रोही, सनातन द्रोही तथाकथित नेता के खिलाफ जन-समर्थन की अपील करेगी और इसका परिणाम इन्हें भुगतना ही होगा।