पटना की पाटलिपुत्र कॉलोनी में पीके का चार मंजिला मकान है। महंगी और लग्जरी गाड़ियों का शौकीन पीके खुद को कॉलोनी में चिकित्सक बताकर रहता था। बड़े महानगरों में पीके द्वारा फर्जीवाड़े से पास कराए गए अभ्यर्थियों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही त्रिपुरा की रहने वाली अभ्यर्थी हिना विश्वास और दवा व्यवसायी उसके पिता गोपाल विश्वास से त्रिपुरा में पूछताछ को पुलिस जाने वाली है।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि पीके उर्फ नीलेश सिंह के बारे में पुलिस टीम को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं, उसके कुछ करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है। पटना और छपरा स्थित मकान पर कोई नहीं है।
इस प्रकरण में अब तक सात गिरफ्तार
अब तक इस प्रकरण में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 12 सितंबर को आयोजित नीट परीक्षा के दौरान वाराणसी सारनाथ के सोनातालाब स्थित केंद्र से पुलिस ने दूसरे अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह पर परीक्षा दे रही सॉल्वर गैंग की सदस्य पटना निवासी जूली कुमारी और परीक्षा केंद्र के बाहर से उसकी मां बबिता को गिरफ्तार किया था।
बीएचयू बीडीएस छात्रा जूली कुमारी को गिरोह में सॉल्वर के तौर पर पीके उर्फ नीलेश के कहने पर विकास महतो ने उसकी मां बबिता से संपर्क साधा था। जूली के भाई अभय कुमार और लखनऊ केजीएमयू के डॉ. ओसामा शाहिद सहित सात आरोपी जेल में बंद हैं। त्रिपुरा के रहने वाले तपन साहा को सारनाथ पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया।