वाराणसी। विधिक सचिव कुमुदलता त्रिपाठी ने सोमवार को केंद्रीय और जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों को कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति को भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
वर्तमान में केंद्रीय कारागार में 1610 और जिला कारागार में 2683 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 2539 पुरुष और 144 महिला बंदी शामिल हैं। विधिक सचिव ने बताया कि चोलापुर, सेवापुरी, चिरईगांव, आराजीलाइन, पिंडरा के आयर, अहिरौली, सभईपुर, सिंधौरा, घोघली, रोह, जाठी, मरूई ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को आशा और आशा संगिनी के जरिए मध्यस्थता, मुफ्त विधिक सहायता एवं लोक अदालत, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ... आदि के बारे में जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बरही, नेवाद, दबेथुआ, तिवार, सोनपुरवा, हसनपुर, बरजी, अवसानपुर, गोकुलपुर, सरौनी, सिंगही. बूढ़ापुर, भवानीपुर, परियरा, भैठौली, भटौली, दीनदासपुर, अनौरा, करोमा, धौरहरा, लखनपुर, कटारी, भभियार, मंगोलेपुर, खरदहां, कटारी, चन्द्रावती, पूरेधूरशाह, पलकहा, हरदत्तपुर,शहाबाबाद, कनेरी, करवाडाड़ी, ढोलापुर, देउरा, मरुई गांवों में लोगों को उनके विधिक अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। तहसीलों में लेखपाल और ग्राम प्रधानों ने लोगों को लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर वादों के निस्तारण के प्रति जागरूक किया। विधिक सचिव ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर अमृत महोत्सव से जुड़े पंफलेट वितरित कराकर जागरूक किया गया।