रात में लंका में रावण का अंतिम संस्कार परिवार में एकमात्र जीवित सदस्य विभीषण ने किया। वहीं, लंका मैदान के आसपास विजय दशमी का मेला चरम पर रहा। रामनगर व आसपास के दर्जनों गांव से हजारों लोग लंका मैदान में पहुंचे और शाम 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक मेले का आनंद लेते रहे। उधर, रामलीला में मौजूद लीला प्रेमी श्रीराम का जयजयकार करते हैं, जिससे पूरा वातावरण राममय हो जाता है। भगवान की आरती के बाद लीला को विश्राम दिया गया।