महमूरगंज निवासी नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी पत्नी रितु सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव को चेतगंज थाने की पुलिस ने पिछले साल 31 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही तीनों जेल में बंद हैं। इस मामले में पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने जांच टीम का गठन भी किया है।
साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने भी नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी पर धोखाधड़ी की फाइल मंगाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की इस कार्रवाई के साथ ही नीलगिरी इंफ्रासिटी से खुद को पीड़ित बताते हुए लोग थाने पहुंच रहे हैं और शिकायती पत्र भी दे रहे हैं।
पुलिस भूमि जब्तीकरण की कार्रवाई में भी जुट गई है। इसमें पार्टनर प्रदीप यादव की 16 स्थानों पर भूमि जब्त की जानी है, इसकी कीमत 8 करोड़ 68 लाख है। इसके साथ ही विकास सिंह की वाराणसी और चंदौली में जमीन और पत्नी रितु सिंह की 92 लाख की जमीन को जब्त किया जाना है। पिछले दिनों ही पुलिस आयुक्त की ओर से इसके लिए जिलाधिकारी वाराणसी और चंदौली को भी आदेश की कॉपी भेजी जा चुकी है।