सैयद सालार मसूद गाजी मियां के मुख्य दरगाह बहराइच पर उनके उर्स पर लगने वाले मेले की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद भी शादी की रस्म निभाई जाएगी। इसके लिए बनारस से उनकी शादी के साजोसामान भेजे जाएंगे। नौ मई को पलंग पीढ़ी के जुलूस के साथ 15 सदस्यीय उनके मुरीदों दल जाएगा।
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बनारस में भी बाबा की शादी की रस्म निभाई जाएगी। काशी में 18 मई को शादी की रस्म के साथ चार दिवसीय मेला भी लगेगा। बनारस में बड़ी बाजार स्थित उनके दरगाह के गद्दीनशीन हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि बहराइच में बाबा के दरगाह पर मेला लगाने की अनुमति भले नहीं मिली है। लेकिन, यहां से नौ मई को पलंग पीढ़ी का जुलूस जाएगा और उनके मुरीद 18 मई को उनकी शादी की रस्म में शामिल होंगे।
दरगाह पर जाएगी दुल्हन के शृंगार की सामग्री
बनारस से पलंग पीढी के जुलूस में दुल्हन के शृंगार की सामग्री जाएगी। हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि पलंग, पीढ़ा, पंखा, बाबा की शादी के जोड़े की सामग्री के अलावा दुल्हन के शृंगार के सामान लेकर जाएंगे। इसमें यहां के गाजी मिया दरगाह कमेटी के सदस्य के अलावा उनके मुरीद जाएंगे। जुलूस दरगाह से निकलकर शिवपुर पहुंचेगा, जहां से लोग बहराइच जाएंगे। इसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग शामिल होते हैं।