ट्रेन से हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आशापुर पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सारनाथ थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने सिपाहियों के साथ सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत बिगड़ने पर सावित्री और रोहित चौहान को चिकित्सकों ने बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं फुलेश्वर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजवाया।
सावित्री देवी नाटी इमली स्थित अपनी बेटी सीमा के ससुराल गई थी। दोपहर में अपनी बड़ी बेटी बबिता के साथ आशापुर स्थित घर लौट रहीं थी। आशापुर चौराहे पर ऑटो से उतरकर रेलवे ट्रैक पार करते समय चपेट में आ गई। बेटी बबिता के अनुसार ट्रेन के धक्के से मां मेरी गोद में आकर गिर गई। पुलिस ने रोहित चौहान की पहचान पुलिस ने उसके जेब से मिले एटीएम कार्ड से की।
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आशापुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद से ही रेलवे प्रशासन द्वारा स्थायी रूप से लोहे का गाटर लगाकर रेलवे क्रासिंग को बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके क्षेत्रीय लोग लोहे के गाटर और फाटक से आर-पार करते हैं। आनेजाने वालों में पैदल और साइकिल सवार दोनों है। हादसे के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी।
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