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Olympian Lalit Upadhyay: नौकरी के लिए खेलना शुरू किया, ओलंपिक तक पहुंचे ललित उपाध्याय; पढ़ें- संघर्ष की कहानी

Mon, 12 Aug 2024 03:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Olympian Lalit Upadhyay: ओलंपियन ललित उपाध्याय ने कहा कि जब उन्होंने खेलना शुरू किया तो जीत की भूख इतनी थी कि दिन में तीन-तीन घंटे अभ्यास करता था। 
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Olympian Lalit Upadhyay - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यवर्गीय परिवार से होने की वजह से नौकरी हासिल करने के लिए खेलना शुरू किया, लेकिन जैसे-जैसे खेल में उतरने लगा हॉकी मुझमें उतरने लगी। यूपी कॉलेज से खेलना शुरू किया था। जीत की भूख इतनी कि दिन में तीन-तीन घंटे अभ्यास करता था। उक्त बातें ललित उपाध्याय ने बातचीत में कही। 

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खेल प्रेमियों के स्वागत से अभिभूत ओलंपियन ने कहा कि काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद रहा तो ओलंपिक में पदक का रंग भी बदलेगा। भारतीय हॉकी में लगातार निखार आ रहा है। सेमीफाइनल में हार निराशाजनक थी, लेकिन टीम इससे उबरी और पदक हासिल किया। दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने का सिलसिला काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से संभव हुआ है। उन्होंने कहा, हार के बाद कमियों को दूर करने पर खूब अभ्यास करता हूं।

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परिवार के साथ ललित उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
प्रारंभिक कोच से लेकर राष्ट्रीय कोच सभी ने कुछ न कुछ सिखाया। माता-पिता और काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से खेल में मुकाम मिल रहा है। उन्होंने पूर्व ओलंपियन मोहम्मद शाहिद को याद किया और कहा कि उनकी ड्रिबलिंग शानदार थी। उन्होंने खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मैच खेलने और कमियों को ठीक करने के लिए एक-एक तकनीक पर लगातार अभ्यास करने की सलाह दी। 

ललित कुमार उपाध्याय ने उदय प्रताप इंटर कॉलेज में राजर्षि उदय प्रताप सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्ण किया। यहां पर प्रधानाचार्य डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने ललित उपाध्याय का स्वागत किया।    
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