स्मार्ट सिटी के तहत गंगा घाटों पर लगाए गए हेरिटेज साइनेज को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। योजना के तहत घाट की सीढ़ियों पर लग रहे लोहे के प्लेट पर अंकित धार्मिक प्रतीक चिन्ह के अपमान से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। घाट पर रहने वाले साधु-संत, नाविक, पंडे और स्थानीय नागरिकों ने इसको हिंदू धर्म का अपमान बताया है, वहीं कांग्रेस ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
स्मार्ट सिटी के तहत 5.08 करोड़ की लागत से वाराणसी के सभी घाटों पर लोहे के बड़े-बड़े साइन एज बोर्ड लगाए गए थे। इसी योजना के अंतर्गत घाट की सीढ़ियों पर पत्थरों को काट कर उस पर लोहे की प्लेटें लगाई गई हैं। इन लोहे की प्लेट पर वन लाइनर जानकारी के साथ कुछ धार्मिक प्रतीक चिह्न भी उकेरे गए हैं। इन्हीं चिह्नों पर स्थानीय लोगों को आपत्ति है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि गंगा घाट की सीढ़ियों पर मंदिर, शिवलिंग और छतरी की आकृति बना दी गई है। इसके ऊपर से लोग दिनभर घाट पर उतरते हैं। नगर आयुक्त को एक पत्र लिख कर इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है।