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Varanasi News: नौकरी न कोई रोजगार, साइबर ठगी से ही लाइफ स्टाइल लग्जरी

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एआई से न्यूड फोटो और वीडियो बनाकर लोगों को धमकाने, ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ ही कई नई जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि कानपुर में ऐसे चार गिरोह की सक्रिय हैं। गिरोह के एक-एक सदस्य ने 30-30 सिम कार्ड ले रखे हैं। एक सिम कार्ड का इस्तेमाल एक बार ठगी में किया जाता है फिर उसे बंद कर दिया जाता है। गिरोह के ज्यादातर सदस्य युवा हैं। सबकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है। किसी के पास नौकरी नहीं है। रोजगार नहीं करते हैं फिर भी अच्छा रहन-सहन है। पढ़ाई भी कुछ खास नहीं है।
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सोनभद्र की पुलिस ने ठगी मामले में कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के मसवानपुर निवासी सुरेंद्र कुमार (23), कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी गोलू राजपूत (24), बेकनगंज निवासी मोहम्मद जुनैद (24) और पनकी थाना क्षेत्र के अनुराग सिंह (26) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बेकनगंज और मसवानपुर में ठगी का गिरोह चलता है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके घरों के कई सदस्य ठगी से जुड़े हैं। भीमसेन रेलवे स्टेशन के आसपास के गांवों में भी ठगों का जाल फैला है।
घर पर एक्टिवेट करते हैं सिम कार्ड
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी में प्रयोग किए जाने वाले सिम को एक्टिवेट किए जाने की जानकारी किसी व्यक्ति को न होने पाए इसके लिए सिम विक्रेता घर पर ले जाकर एक्टिवेट कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक उसके लिए निर्धारित लोकेशन पर ही एक्टिवेट किया जाना जरूरी होता है। इसमें विभिन्न कंपनियों के थोक सिम विक्रेताओं की भूमिका संदिग्ध है। सिम बिक्री का लक्ष्य पूरा हो इसके लिए ऐसे कार्यों को संरक्षण तो दिया जा रहा है। अब गिरोह के दूसरे सदस्यों पर शिकंजा कसा जा रहा है। आरोपियों के पक्ष में पैरवी की गई और छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया।
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देश के हर हिस्से में घुमाते हैं फाेन, रौबदार अंदाज में करते हैं बात
सोनभद्र पुलिस ने गिरोह के जिन सदस्यों को पकड़ा है उसके जरिये पता चला कि यह गिरोह सिर्फ यूपी ही नहीं देश के हर हिस्से में लोगों को फोन कर ठगी कर रहा है। कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी विजिलेंस अफसर तो कभी पुलिस का बड़ा अधिकारी बनकर फोन करते हैं। लोगों को उनकी बातों पर भरोसा हो इसके लिए रौबदार अंदाज में पहले लोगों को धमकाते हैं फिर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू करते हैं। प्राथमिक जांच में ही 100 से ज्यादा लोगों से ठगी की बात सामने आई है । यह संख्या और बढ़ सकती है।
घनी आबादी का उठाते हैं फायदा, रेलवे स्टेशन के पास से निगरानी
कानपुर इलाके के जिस क्षेत्र से साइबर ठग पकड़े गए हैं वहां की आबादी घनी है। भीमसेन रेलवे स्टेशन ऐसा है जो जमीन से लगभग 25 फीट ऊपर बना है। साइबर ठगी से जुड़े सदस्य रेलवे स्टेशन पर बने रहते हैं। जैसे ही कानपुर शहर से पुलिस की कोई गाड़ी गांव की तरफ निकलती है तो फोन के जरिये ठगों को अलर्ट कर दिया जाता है।
साइबर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। - अनिल कुमार, एएसपी।
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