स्थानीय कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शब-ए-बरात को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने अपने घरों की साफ-सफाई कर रोशन किया। मस्जिदों में देर रात तक इबादत, तिलावत और नातख्वानी का सिलसिला चलता रहा। पुरखों की कब्र पर जाकर भी मोमबत्ती जलाया और फातिहा पढ़ा। जामा मस्जिद में मंगलवार की रात महफिले मिलाद का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। पूरी रात लोग नमाज अदा करने के साथ कुरआन की तिलावत और दुआ में मशगूल रहे। दुआ-ए-मगफिरत में शामिल होकर अपने, अपने परिजनों और पुरखों की बख्शीश के लिए दुआ मांगी। इस मौके पर घरों में चना, बेसन, आटा, खोवा, मैदा, सूजी और घी से विभिन्न प्रकार के हलवे तैयार कर फातेहा की गई। रिश्तेदारों और पड़ोसियों में भी प्रसाद वितरित किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार की शाम से ही स्थानीय पुलिस ने पीएसी जवानों के साथ कस्बे, रेलवे स्टेशन मोड़, बढ़नीनाला और मुस्लिम कब्रिस्तान क्षेत्र में गश्त की।