दोनों ने कहा कि लड़की और उसके मां-बाप हंसमुख मंदिर में आप लोगों का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर जाने से सुरेश व उसकी पत्नी ने 20 हजार रुपये लिए। फिर, दो घंटे बाद उसे मंदिर लेकर पहुंचे। मंदिर में सुरेश व उसकी पत्नी ने लड़की के शादी के गहने लाने के लिए 20 हजार रुपये और लिए। महेश ने बताया कि बातचीत होने के बाद सभी कचहरी गए और कोर्ट मैरिज करने के बाद लड़की के पिता ने उससे एक लाख रुपये लिए। इसके बाद सुरेश व उसकी पत्नी और लड़की के मां-बाप ने कहा कि 13 जून को घर से विदाई करेंगे।
महेश ने बताया कि 13 जून को सुरेश लड़की के पिता के साथ उसके होटल आया और विदाई के लिए 20 हजार रुपये लिया। साथ ही, सुरेश ने बताया कि ऑटो बुक करा दिया गया है। ऑटो वाला आप लोगों को लड़की के घर लेकर आएगा। महेश ने बताया कि ऑटो वाले ने हमें हरसाइयां सर्किल छोड़ दिया। फिर, हमने सुरेश को फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।
इसके बाद सुरेश की पत्नी, दुल्हन बनी पूजा और अन्य लोगों के भी नंबर स्विच ऑफ बताने लगे। महेश ने बताया कि खोजबीन करने पर पता लगा कि उसकी फर्जी कोर्ट मैरिज कराई गई थी। जिस लड़की से कोर्ट मैरिज कराई गई थी, वह पहले से ही शादीशुदा थी। इस पूरे घटनाक्रम में सुरेश व उसकी पत्नी, उसके साढ़ू व उसकी पत्नी और दुल्हन बनी पूजा की मिलीभगत थी।
सभी ने साजिश रच कर उससे रुपये हड़प लिए। अब फोन पर पैसा वापस मांगने पर सुरेश व अन्य लोग गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट प्रभुकांत ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
राजस्थान के नागौर जिला निवासी एक युवक से डेढ़ लाख रुपये लेकर उसकी फर्जी कोर्ट मैरिज बीते 23 मई को सिविल कोर्ट में कराई गई थी। 24 मई को युवक जब अपनी दुल्हन को लेकर कार से वाराणसी से जाने लगा तो कैंट और सारनाथ थाने के तीन सिपाहियों ने उसे रोक लिया था। तीनों ने उससे कहा कि तुम लड़की से जबरन शादी करके अपने साथ ले जा रहे हो। तीनों सिपाहियों की बात पर दुल्हन बनी युवती भी हां में हां मिलाई।
इसके बाद राजस्थान निवासी युवक से तीनों सिपाही दो लाख रुपये मांगने लगे। मामला किसी तरह से सारनाथ थाने तक पहुंच गया। इसके बाद तीनों सिपाही और फर्जी दुल्हन बनी युवती व उसकी मां गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। हालांकि शादी की बात तय करने वाला मध्यस्थ और फर्जी कोर्ट मैरिज कराने वाला अधिवक्ता अब तक गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं।