पांच साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए शुरू किए गए सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम को बड़ा झटका लग गया है। अब तक हुए सरकारी प्रयास कारगर नहीं हुए, लिहाजा प्रदेश के 75 में से 31 जिलों का प्रदर्शन खराब पाया गया है। इन जिलों में वाराणसी और गोरखपुर के साथ-साथ लखनऊ और इलाहाबाद भी शामिल हैं।
सरकार की ओर से पांच साल तक के बच्चों को टीबी की बीमारी से बचाव के लिए बीसीजी का टीका, डिप्थेरिया, काली खॉसी, टिटनेस, हिमोफेलस इन्फ्लुएंजा तथा हेपेटाइटिस से बचाव के लिए पेंटा वैलेंट, जापानी इंसेफेलाइटिस और पोलियो से बचाव के लिए दी जाने वाली खुराक तथा इंजेक्शन, खसरे का टीका तथा विटामिन ‘ए‘ की खुराक दी जाती है।
अस्पतालों में लगने वाले नियमित टीकाकरण से छूट गए बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभियान चलाने का निर्णय लिया था। इसके तहत 2018 तक 90 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य है।
प्रचार-प्रसार, रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी दो चरणों (अक्तूबर-नवंबर) की रिपोर्ट बेहद खराब आई है। जिन जिलों का प्रदर्शन खराब पाया गया है, उसकी समीक्षा जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले इन जिलों के जिलाधिकारियों से कार्य में सुधार की कार्ययोजना मांगी गई है। यहीं नहीं, 8 दिसंबर को इन जिलों में मुख्य सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग करने जा रहे हैं।
खराब प्रदर्शन वाले जिले
वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, भदोही, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, गोरखपुर, अलीगढ़, औरैया, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बिजनौर, चित्रकूट, फिरोजाबाद, कौशांबी, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, संभल, श्रावस्ती, बस्ती, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, आगरा, इलाहाबाद और लखनऊ।