बढ़ते तापमान का असर दूध उत्पादन पर भी पड़ा है। प्रतिदिन दो से तीन हजार लीटर दूध का उत्पादन कम हो रहा है। हालांकि, इसका असर किसी उत्पाद पर अभी नहीं पड़ा है। जबकि किसानों की आय प्रभावित हुई है।
पराग डेयरी के संचालक और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के प्रबंध निदेशक सुनील सिन्हा ने बताया कि फरवरी, मार्च में एनडीडीबी प्रतिदिन 240 समिति के किसानों से 20 हजार लीटर दूध ले रहा था। मार्च के बाद जैसे जैसे तापमान में बढ़ोतरी हुई दूध का उत्पादन भी कम होने लगा। अप्रैल में यह घटकर 18000 लीटर हो गया है।
काशी डेयरी के डॉ. एसवी पटेल का कहना है कि गर्मी के कारण तीन हजार लीटर तक उत्पादन पर असर पड़ा है। जिले में 120 समितियों के तीन हजार किसानों के माध्यम से पहले 40 हजार लीटर का उत्पादन होता था। उत्पादन घटने से किसानों की आय पर असर पड़ा है।
लाखों रुपये का हो रहा नुकसान
डेयरी की ओर से किसानों से फैट के हिसाब से 44 से 45 रुपये प्रति लीटर दूध की खरीद की जाती है। ऐसे में तीन हजार लीटर कम उत्पादन होने से एक लाख 35 हजार रुपये का नुकसान समितियों को उठाना पड़ रहा है।