काशी विद्यापीठ की नींव राष्ट्रपिता ने रखी थी
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केंद्र सरकार व संस्कृति मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद यह देश का पहला केंद्र होगा जहां बापू पर अध्ययन, अध्यापन, शोध के साथ ही ऑडियो व विजुअल के माध्यम से बापू के जीवन से जुड़ी कहानियों और स्वतंत्रता आंदोलनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रो. बीडी पांडेय ने बताया कि गांधी अध्ययन पीठ को बापू पर वैश्विक शोध का केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। अध्ययन पीठ की लाइब्रेरी को पूरी तरह से डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा और इससे हम संपूर्ण विश्व से जुड़ सकेंगे।
काशी विद्यापीठ में स्थित बापू के कमरे को एक भव्य म्यूजियम का स्वरूप दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से तैयार कराए जा रहे प्रस्ताव में यह म्यूजियम देश भर से बनारस आने वालों के लिए एक आकर्षण का केंद्र होगा। बापू से जुड़ी स्मृतियां यहां पर उपलब्ध होंगी। प्रो. नलिन श्याम कामिल ने बताया कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की नींव राष्ट्रपिता ने रखी थी। 1934 में बापू जब बनारस आए थे तो काशी विद्यापीठ में सात दिन तक ठहरे थे।