पहले प्रतापगढ़ और फिर कानपुर में अधिवक्ता जितेंद्र पाल की हत्या से नाराज अधिवक्ताओं ने लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखी। कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार पर जमकर बिफरे। आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा के अलावा परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। वहीं, अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते दूरदराज से आए वादकारियों को कचहरी से मायूस होकर वापस लौट जाना पड़ा।
डीएम पोर्टिको में प्रदर्शन से पहले वकीलों ने सिविल एवं कलक्ट्रेट में जुलूस निकालकर कानून व्यवस्था की खस्ताहाली के खिलाफ नारेबाजी की। बार सभागार में श्रद्धांजलि देते हुए घटना की अधिवक्ताओं ने निंदा की। कहा कि अधिवक्ताओें पर हो रहा हमला देश के लोकतंत्र पर हमला है। प्रदेश सरकार को अधिवक्ताओं पर हो रहे हमले का संज्ञान लेकर सुरक्षा के कड़े उपाय करने चाहिए।
इन घटनाओं को अधिवक्ता समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शन में विवेक शंकर तिवारी, दुर्गा प्रसाद, नित्यानंद राय, हरिशंकर सिंह, वेंकटेश्वर सिंह, अजय शर्मा, विनोद शुक्ल, रजनीश मिश्र, संजय दाढ़ी, शिवपूजन गौतम, अश्वनी राय आदि शामिल रहे।