एनएच-2 (पुराना जीटी रोड) पर यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। प्रशासन पंगु है और पुलिस बस, ट्रकों के आगे घुटने टेक चुकी है। रोडवेज बस स्टैंड के सामने खुदाई होने से एनएच-2 पर यह समस्या और विकराल रूप धारण करने जा रही है। आश्चर्यजनक है कि यातायात पुलिस के पास इसे नियंत्रित करने के लिए कोई कार्ययोजना तक नहीं है।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश का यही एक मात्र रास्ता है। फ्लाईओवर विस्तार के लिए अंधरापुल, चौकाघाट और लहरतारा के पास वसुंधरा कॉलोनी के सामने पिलर की खुदाई का काम पहले से चल रहा है। अब इस विस्तार कार्य के लिए रोडवेज के पास भी खुदाई शुरू कर दिए जाने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई है। कैंट तिराहे से रोडवेज तक यातायात का सर्वाधिक दबाव रहता है। ट्रेन और बस यात्रियों के साथ ऑटो आदि वाहनों की भरमार लगी रहती है। बावजूद इसके रूट डायवर्जन का कोई प्लान लागू किए बिना एक और स्थान पर खुदाई शुरू करा दी गई।
चौकाघाट फ्लाईओवर का विस्तार लहरतारा कैंसर अस्पताल तक किया जा रहा है। कैंट-लहरतारा मार्ग पर सुबह से लेकर रात तक जाम की समस्या बनी रहती है। दिन भर में इस रास्ते से करीब दो लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। नो इंट्री छूटने के बाद रात दस बजे से सुबह सात बजे तक करीब पंद्रह सौ ट्रक भी इसी रास्ते गुजरते हैं। इतना व्यस्त मार्ग होने के बाद भी अब तक पुलिस और प्रशासन से रूट डायवर्जन का कोई प्लान तक तैयार नहीं किया है। नतीजा, रोजाना जाम लग रहा है। हालात से राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं।