नदेसर की रहने वाली रुखसाना बेगम के अनुसार उसके मकान में कुछ वर्ष पूर्व बतौर किरायेदार मेराज के जीजा इरशाद खान और भांजे शमशाद, खुर्शीद व परवेज रहने आए। परवेज जो कि कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर है 21 मुकदमे का आरोपी है, वह जनवरी 2020 में अंधरापुल से जबरजस्ती जीप में बैठा कर उन्हें नक्खीघाट ले गया। वहां एक मकान उन्हें दिखाकर उसके एवज में नदेसर का मकान अपने नाम लिखवाने का दबाव बनाया।
परवेज के भय से वह मकान छोड़ कर बच्चों के साथ चली गई थी। बीते दिनों वह अपने घर वापस आई। उसी दिन नदेसर से सदर बाजार स्थित बाबा बहादुर शहीद मजार जाने के लिए जब वह घर से निकली तो छावनी क्षेत्र स्थित चर्च के समीप जीप से आए परवेज, खुर्शीद और इरशाद ने रोक कर मकान को अपने नाम कराने के लिए फिर दबाव बनाया। बात न मानने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए फिरौती की मांग की गई। रुखसाना की तहरीर के आधार पर कैंट थाने की पुलिस ने मेराज के बहनोई इरशाद खान, परवेज, शमशाद और खुर्शीद के खिलाफ मामला दर्ज कर करवाई शुरू कर दी है।