पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे छह दिवसीय महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव की अंतिम निशा में होली गीतों पर काशीवासी झूम उठे। वाराणसी के राजघाट पर चल रहे महोत्सव में लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने मंच पर आने के बाद एक से बढ़कर एक होली गीतों से जहां माहौल को होलीमय बना दिया, वहीं उन्होंने गीत पर ठुमके भी लगाए। सामने से दर्शकों ने भी ताली बजाकर मालिनी के हर गीत का जोरदार स्वागत किया।
लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने मंच से होली खेले मसाने में गीत के साथ ही होली खेलेले होरिला अवध में... गीत की प्रस्तुति की तो आयोजन स्थल पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। इस दौरान लोगों ने मोबाइल का टार्च जलाकर मालिनी का अभिवादन किया। इसके साथ ही रंगवा अउरी अबीर खेलब भिजली बदनवा... की प्रस्तुति भी शानदार रही।
मालिनी अवस्थी ने जैसे ही पति-पत्नी के प्रेम पर आधारित गीत रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे- गाया तो सामने बैठे दर्शक भी अपने को रोक नहीं पाए और हर कोई थिरकने लगा। गाने के बीच में ही मालिनी ने सामने से कुछ बच्चियों को मंच पर बुलाया।
समारोह में मालिनी ने कहा कि चार-पांच साल बाद काशी में गाने का अवसर मिला। ऐसे में काशी में प्रस्तुति हो और होली गीत न हो, तो कहां अच्छा लगेगा। इसके के पहले राहुल-रोहित मिश्र ने अपनी गायिकी से सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन, धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, कमिश्नर दीपक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।