महंत आवास पर शिवांजलि में वृंदावन से आई भक्तों की टोली ने शिव-पार्वती प्रसंग को नृत्य की भंगिमाओं और भावों के माध्यम से जीवंत किया। शुरुआत उन्होंने अर्धांग भस्म भाभूत सोहे अर्ध मोहिनी रूप है... पर भावपूर्ण नृत्य से की। इसके बाद भगवान शिव के भजन हे शिव शंकर हे गंगा धर करुणा कर करतार हरे... पर नृत्य किया।
पारंपरिक कथक नृत्य के अंतर्गत गणेश परन और शिव परन की प्रस्तुति विशेष रही। समापन होली गीत पर नृत्य से किया। गीत के बोल थे कैसी ये धूम मचाई बिरज में...।