गेल इंडिया के उप महाप्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने बताया कि गंगा में प्रदूषण रोकने और नाविकों को सस्ते दर पर ईंधन उपलब्ध कराने के लिए घाटों पर सीएनजी स्टेशन बनाया जा रहा है। खिड़किया घाट पर सीएनजी स्टेशन स्थापित किये जाने के बाद गंगा में ईंधन देने वाला केसकेड भी दौड़ेगा।
इस मूविंग सीएनजी स्टेशन के जरिये नावों को गंगा के बीच भी सीएनजी की आपूर्ति की जा सकेगी। इसके लिए गेल की ओर से तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है। यह मूविंग सीएनजी स्टेशन होगा, जो हर घाट पर जा सकेगा। इसका टैंक यानी केसकेड में खिड़किया घाट से गैस भरा जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य दूसरे घाटों पर जाकर गैस की आपूर्ति की जाएगी।
काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार को खोल दिया गया ।
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में जाने के लिए गंगा द्वार भी खोल दिया गया है। इस रास्ते से होकर भी भक्त बाबा धाम जाकर पूजा-दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए गंगा में नावों की संख्या बढ़ने से सीएनजी की खपत बढ़ेगी। इसके लिए गेल की ओर से तैयारी की जा रही है। मूविंग स्टेशन से नाविकों को नाव चलाने में काफी सहूलियत होगी।
गेल की ओर से शनिवार को कैंट स्टेशन पर ऑटो चालकों को सीएनजी सिलेंडर के रखरखाव के प्रति जागरूक किया गया। शहरी गैस वितरण के इंचार्ज व डीजीएम गौरीशंकर मिश्र ने चालकों को इसके लीकेज और बैटरी वायर आदि की जांच करने की जानकारी दी। उन्होंने तीन साल पुराने सीएनजी सिलेंडर का हाइड्रो जांच अपील की।
बताया कि ऑटो चालकों के यूनियन की मांग पर एक सिलेंडर की जांच की कीमत 1100 रुपये तय कर दी गई है। ऑटो चालकों को बताया कि अभी तक कुल 15 सीएनजी स्टेशन के जरिये 10 हजार वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राजातालाब, करखियांव, चोलापुर, चौबेपुर, रामनगर, आदि जगहों पर स्टेशन बनाए जा रहे हैं।