नोटबंदी के दौरान जेवरात की भारी बिक्री करने वाला यूपी के बलिया का एक परिवार आयकर अफसरों के घेरे में आ गया है। मंगलवार को बलिया स्थित इस परिवार के ज्वैलरी के तीन प्रतिष्ठानों पर मंगलवार को वाराणसी से आए आयकर अधिकारियों ने सघन जांच की। सर्वे अभी भी जारी है।
आयकर अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में आयकर चोरी का मामला सामने आया है। कागजात की जांच के साथ ही आयकर अधिकारियों ने ज्वैलरी शोरूम के मालिकों से अलग-अलग पूछताछ भी की।
वाराणसी से आए आयकर अधिकारियों की तीन अलग-अलग टीमों ने मंगलवार की सुबह 11 बजे से आर्यसमाज रोड के स्वर्णकला केंद्र, स्टेशन रोड के डीपी ज्वैलर्स तथा बलभद्र राम दशरथ प्रसाद ज्वैलर्स के यहां जांच शुरू की। इस दौरान तीनों प्रतिष्ठानों पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया।
सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के दौरान इन प्रतिष्ठानों के माध्यम से सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना सोने व हीरे के जेवरात बेचे गए थे। इसके बाद से ही उक्त प्रतिष्ठान आयकर विभाग की नजर में आ गए थे।
आयकर अफसरों ने दाखिल किए गए रिटर्न को आधार बनाकर आज जांच शुरू की। आयकर सर्वे से नगर के अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया। सर्वे के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों पर ज्वेलरी के सामानों सहित फाइल एवं दस्तावेजों की टीम के सदस्यों ने पड़ताल की।
इस दौरान प्रतिष्ठानों के स्टाक का सत्यापन, खरीद फरोख्त का लेखा-जोखा के साथ ही बिक्री का प्रतिशत व मिलान आदि की जांच देर रात तक जारी रही। इस बाबत पूछे जाने पर अपर आयुक्त आयकर अभय ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया आयकर चोरी का मामला सामने आया है।