पर्यटकों से हमेशा गुलजार रहने वाले अस्सी घाट पर अवैध स्टैंड संचालित हो रहा है। मुख्य सड़क से अस्सी घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर दुपहिया वाहनों का स्टैंड बनाकर वसूली की जा रही है। वहीं, अस्सी से नगवा मार्ग पर प्राइवेट पार्किंग स्टैंड बनाकर मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। अस्सी नाले के बगल में खाली पड़े प्लाट के बाहर बकायदा नगर निगम का बोर्ड लगा है।
नगर निगम के नाम से छपी 20 रुपये की पर्ची बाइक और चार पहिया के लिए 60 रुपये की पर्ची काटी जाती है। नगर निगम की ओर से दुपहिया वाहन का पार्किंग शुल्क 10 रुपये, चार पहिया वाहन का 30 रुपये है। लेकिन अस्सी घाट पर अवैध पार्किंग संचालक वाहन स्वामियों से दोगुना शुल्क वसूलते हैं।
सारनाथ में सड़क के दोनों तरफ अवैध ऑटो स्टैंड
आशापुर चौराहा पर पंचक्रोशी जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ अवैध ऑटो स्टैंड का संचालन हो रहा है। अवैध ऑटो स्टैंड आशापुर चौकी से चंद कदम की दूरी पर है। ऑटो का नंबर लगाने के लिए ऑटो चालकों से वसूली होती है। सड़क पर बेतरतीब तरीके से आटो खड़े होने के चलते आए दिन जाम लगता है। यही स्थिति पंचक्रोशी चौराहे पर भी है। पंचक्रोशी चौराहे से पांडेयपुर जाने वाले मार्ग स्थित पुलिस बूथ के पास अवैध ऑटो स्टैंड का संचालन हो रहा है।
पार्किंग के बाहर अवैध स्टैंड
- फोटो : अमर उजाला
कैंट रोडवेज कार्यशाला के पास परेडकोठी में निजी बसों का अवैध स्टैंड संचालित हो रहा है। रोडवेज पुलिस चौकी की मेहरबानी के चलते परेडकोठी में प्राइवेट बसें खड़ी हो रही हैं। रोडवेज और आसपास के रहने वाले होटल, गेस्ट हाउस और अन्य लोगों ने कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई असर नहीं पड़ा। दिन रात बसों के हार्न और शोर से आसपास के रहने वाले लोग परेशान है। मंडुवाडीह के ककरमत्ता, भिखारीपुर में सड़क पर ही कई साल से अवैध ऑटो स्टैंड संचालित हो रहा है। अवैध ऑटो स्टैंड के चलते हमेशा जाम लगता है।
जहां चलाया अभियान, वहां फिर से काबिज हुए वाहन
एआरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की ओर से अवैध स्टैंड के खिलाफ बृहस्पतिवार को अभियान चलाया गया था। हालांकि दूसरे दिन शुक्रवार को भी डग्गामार वाहनों का संचालन होता रहा। कैंट फ्लाईओवर के नीचे डग्गामार बसें, चार पहिया वाहनों का संचालन होता रहा। वहीं, चौकाघाट लकड़ी मंडी में भी निजी बसें, चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरे दिन बनी रहीं। अवैध स्टैंड के खिलाफ कार्रवाई का असर नहीं दिखा। बेखौफ होकर डग्गामार वाहनों का संचालन होता रहा।
नगर निगम की ओर से कोई नए वाहन स्टैंड को ठेका नहीं दिया गया है। पुराने भी चार ही बचे हैं जिनके टेंडर की मियाद अभी बची है। पुलिस, परिवहन और यातायात के साथ मिलकर अभियान चलाया जा रहा है। सभी को चेताया गया कि अवैध वाहन स्टैंड हटा अन्यथा गंभीर धाराओं में मुकदमा होगा। - सुमित कुमार, अपर नगर आयुक्त