चोलापुर में सरकारी बेड के अलावा टेंट की चारपाई पर भी भर्ती कर लोगों का उपचार किया जा रहा है। गांव के प्रधान रीमा सिंह ने बताया कि बाबा बालक दास की समाधि है, जहां पर स्वामी परमहंस आश्रम है। इस आश्रम पर हर साल होली के दौरान गांव के लोग इकट्ठा होकर होली खेलते हैं। इस वर्ष भी लोग होली खेलने के लिए पहुंचे थे। जहां मंदिर की तरफ से पकौड़ी और ठंडई का प्रोग्राम था। उन्होंने बताया कि इसमें कुछ भाग भांग भी थी।
इस दौरान लोगों ने खूब पकौड़े खाए और ठंडई पी। यह 9 बजे तक खाना पीना चलता रहा। जब बाद में लोग सोने लगे, तभी काफी मात्रा में लोगों को उल्टी की शिकायत हुई। रात में कोई सरकारी सुविधा होने के कारण लोग प्राइवेट अस्पतालों की तरफ भागे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर के अधीक्षक डॉ आरबी यादव ने बताया कि रौना कला में पकौड़ी और ठंडई खाने की वजह से काफी मात्रा में लोग बीमार हुए हैं, जिनकी संख्या ढाई सौ से अधिक है।
पहले इन लोगों ने स्थानीय डॉक्टर से दवा ली, जब हालत में सुधार नहीं हुआ तब स्वास्थ्य सुविधा ली गई है। जानकारी मिलने के बाद 5 एंबुलेंस मरीजों को लेने पहुंची। 28 मरीजों को चोलापुर में भर्ती किया गया है, बाकी को चिरईगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती हुए हैं। कुछ लोग प्राइवेट स्थानों पर इलाज करा रहे हैं।