न्यायालय के दस्तावेजों को खोजेगा सॉफ्टवेयर
23वर्षीय बीटेक करने वाले अनुभव मिश्रा ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सॉफ्टवेयर लीगल माइंडस तैयार किया है। जिसके जरिए न्यायालय के दस्तावेजों की जानकारी मिल सकती है। 2018- 2019 में फुलरटन इंडिया की ओर से आयोजित ' फिंनोवाटिका' जीतने के बाद अनुभव व उनके दोस्तों ने प्रतियोगिता में जीतने वाली राशि से लीगल माइंडस सॉफ्टवेयर बनाने की शुरुआत की। अनुभव ने बताया कि इसको देखते हुए ही भारत के प्रथम लीगलटेक इनक्यूबेटर 'प्रारंभ' में हमारे सॉफ्टवेयर का चयन हुआ है। गणित के एल्गोरिथ्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने वाला यह सॉफ्टवेयर कानूनी दस्तावेजों के सार को हमारे सामने प्रस्तुत करता है।
वातावरण को स्वच्छ रखेगा रोबोट
12वीं के छात्र आयुष शाही का सपना अपने शहर को स्वच्छ रखने का है। इसके लिए उन्होंने पढ़ाई के दौरान ही एक ऐसा रोबोटिक मॉडल बनाया है, जो सड़कों और कॉलोनियों में घूमकर वहां के वातावरण को स्वच्छ करता है। इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर हुए रोबोवॉर में तृतीय स्थान मिल चुका है। वहीं अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक ओलंपियाड में दसवें स्थान पर रह चुके हैं। गणित के प्रति आयुष की विशेष रुची है, इसके लिए उन्होंने एक नया स्टार्टअप तैयार किया है। जिसके जरिए वह यूट्यूब पर छात्रों को तकनीकी ज्ञान देते हैं।