हादसे में मृत प्रज्जवल राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा छह का छात्र था। उसके पिता मुकेश प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पिता मुकेश ने बताया कि सुबह 8.30 बजे के करीब प्रज्जवल अपने दोस्तों संग यह कहकर घर से निकला कि रात तक घर आ जाएगा। शाम चार बजे के करीब बेटे के साथ गए अंकुर ने फोन कर बताया कि प्रज्जवल व अन्य साथी नहाते वक्त झरने में डूब गए हैं तो घरवाले परेशान हो उठे।
एक घंटे बाद फिर बात हुई तो बताया कि बहुत ढूढने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चला। रात 8 बजे के करीब अंकुर अपने एक अन्य साथी संग शहर पहुंचा और पूरी घटना बताई। जिसके बाद वह उन दोनों व अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर चल दिए। 12 बजे के करीब वहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन रात होने के कारण कोई कार्रवाई करने में असमर्थता जता दी गई।
सुबह छह बजे के करीब पुलिस ने खोजबीन शुरू कराई जिसके एक घंटे बाद एक-एक करके पांच शव मिल गए। जिनमें से एक उनका बेटा प्रज्जवल था। बेटे की लाश देखते ही वह बदहवास से हो गए। अन्य परिजनों ने किसी तरह संभाला जिसके बाद सभी शव लेकर घरेां के लिए रवाना हुए। इससे पहले सूचना मिलने पर झरने में डूबे अन्य युवकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे।