राम मंदिर की साड़ी की गई भेंट।
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इसके बाद सर्किट हाउस सभागार में वाराणसी के साड़ी इंडस्ट्रीज व माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज(एमएसएमई) उद्यमियों के संग बैठक की। इस दौरान टीबी से ग्रसित बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सामाजिक सहयोग के प्रति लोगों को सामाजिक दायित्व का बोध कराते हुए सहयोग के लिए प्रेरित किया।
लघु एवं सूक्ष्म उद्योग राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने भी उद्यमियों से टीबी ग्रसित बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मां संस्कारी व सुशील होगी तो बच्चे भी वैसे ही होंगे, तो देश भी सशक्त होगा। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि समाज एवं सृष्टि के लिए जीना होगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यपाल की प्रेरणा निश्चित रूप से बनारस को मानवीय शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। टीवी ग्रसित बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने की दिशा में जिला प्रशासन कार्यक्रम चला रहा है और चलाता रहेगा। ताकि संवाद कायम रहे।
उन्होंने राज्यपाल की भावनाओं के अनुरूप सामाजिक दायित्व से संबंधित इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमोंं को निरंतर चलाए जाने का भी भरोसा दिया। बनारसी साड़ी के निर्माता सर्वेश श्रीवास्तव ने अपने आय का 10 फीसदी धनराशि टीबी ग्रसित बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के सहायतार्थ उपलब्ध कराए जाने को कहा। बनारसी साड़ी के निर्माता सर्वेश श्रीवास्तव ने बनारसी साड़ी पर बने राम मंदिर की कलाकृति से संबंधित साड़ी भी राज्यपाल को भेंट की।