सरकारी बीज अनुसंधान से ब्रीडर्स से मिले बीज को यूनिट में एक साल की प्रोसेसिंग में तीन श्रेणी में बीज को तैयार किया जाएगा। जिसमें एक क्विंटल में ए श्रेणी का बीज 60 किलो होगा। जबकि बी श्रेणी का अनाज खाने और सी श्रेणी का बीज पशु चारा के रूप में इस्तेमाल होगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद पहले चरण में 1000 वर्ग मीटर में यूनिट की आधारशिला रखी जाएगी।
इसमें एक करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इसमें शासन की ओर से 60 लाख रुपये का अनुदान भी तीन किस्तों में मिलेगा। बजट समय पर अवमुक्त हुए तो निर्माण कार्य पांच माह पूरा होने की उम्मीद है। बीज की मांग को देखते फाउंडेशन (खेत का क्षेत्रफल जिसमें तैयार बीज होगा) का दायरा बढ़ाया जाएगा।
उप निदेशक कृषि अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि ववाराणशी जिले में उन्नत और अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीड्स यूनिट की स्थापना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक सीड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए एफपीओ के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। इसमें वाराणसी जनपद का भी एक एफपीओ शामिल है।
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