बिजली बिल जमा करने की नई व्यवस्था में पार्ट पेमेंट और चेक से भुगतान करने की सुविधा नहीं दी जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे भुगतान की पारदर्शिता प्रभावित होने और जटिलता बढ़ने की आशंका बढ़ जाएगी। शुरुआती दौर में इस प्रणाली में पूरा बिल जमा करने का ही प्रावधान रहेगा। साथ ही चेक की बजाए कैश भुगतान की व्यवस्था की जाएगी चेक को लेकर कोई नई दिक्कत सामने न आए।
नगरीय विद्युत वितरण मंडल द्वितीय, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने कहा कि बिजली बिल भुगतान की नई प्रणाली डेढ़ से दो महीने में शुरू हो सकती है। इस पर काम चल रहा है। उपभोक्ताओं से अपील है कि यह व्यवस्था शुरू होने के बाद अगर मीटर रीडर के पास ही बिल जमा करते हैं तो उससे रसीद जरूर ले लें।
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बिजली महकमे ने अब मीटरों की प्रोब रीडिंग शुरू कर दी है। बिजली मीटर में यूनिट की रीडिंग के साथ-साथ उपभोक्ता के बारे में कई अन्य जानकारी जुटाने के मकसद से नई व्यवस्था लागू की गई है। पावर कारपोरेशन ने मीटर रीडिंग करने वाली तिरुपति की एजेंसी स्टर्लिंग को यह जिम्मेदारी दी है। बिलिंग एजेंसी ने एक नवंबर से इस पर काम शुरू कर दिया है।
अब तक की व्यवस्था के तहत मीटर की रीडिंग करने के बाद मीटर रीडर उपभोक्ता को बिल थमा कर चला जाता था। इससे उपभोक्ता के बारे में अन्य तकनीकी जानकारी नहीं मिल पाती थी। इस बीच विभाग ने मीटर रीडर से मौके पर जांच कराकर अन्य समस्याओं के समाधान का तरीका निकाला है। अब मीटर रीडर मौके पर जाकर अपने मोबाइल से मीटर की रीडिंग करेगा।
इसे प्रोब रीडिंग नाम दिया गया है। नई पद्धति से मौके पर उपभोक्ता को बिल तो मिलेगा ही, साथ ही बिजली विभाग को उस कनेक्शन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी मिलेंगी। मसलन उपभोक्ता मौके पर है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि घरेलू कनेक्शन लेकर उपभोक्ता बिजली का कॉमर्शियल उपयोग कर रहा है।
या फिर मकान बदलकर उपभोक्ता कनेक्शन पीडी कराए बिना कहीं और चला गया हो और बिजली बिल लगातार आ रहा हो...आदि मसलों की जांच का मकसद भी पूरा होगा। इसके अलावा बिल सीधे ऑनलाइन हो जाने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
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