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'लड़की हमारे मजहब की हो गई': वाराणसी में धर्म परिवर्तन, 12 साल के बेटी को छुड़ाने गए पिता को धमकी; दो अरेस्ट

Tue, 02 Sep 2025 05:51 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले पिता ने बताया कि वह अपनी बेटी काे छुड़ाने के लिए बड़ी मस्जिद के पास पहुंचा तो मुस्लिम लोगों ने धमकी दी। पुलिस ने भी इस मामले में कुछ नहीं किया। सीपी के यहां गया तब जाकर कार्रवाई हुई।
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वाराणसी में धर्म परिवर्तन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: आदमपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले से बालिका को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन, धमकी और दंगा समेत अन्य आरोपों में पुलिस ने सोमवार की रात महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आयुक्त के आदेश पर आदमपुर पुलिस ने देर शाम साढ़े सात बजे मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

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पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कोनिया का रहने वाला निहाल और महिला को गिरफ्तार गया। पिता और उसके भाई की गिरफ्तारी को टीमें दबिश दे रही है। 

थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित पिता ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल को प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि 12 वर्षीय बेटी को तीन माह पूर्व कोनिया के बड़ी मस्जिद के पास रहने वाला निहाल ने जबरन अगवा कर अपने घर ले गया। जब बेटी को लेने पहुंचा तो निहाल और उसका पिता राजू उर्फ शरीफ, भाई लालू और मोहल्ले के अन्य 12 से 13 मुस्लिमों ने हमला कर दिया। सभी ने धमकी दी कि यह लड़की अब हमारे मजहब की हो गई।

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पुलिस ने की कार्रवाई

हमने मौलवी से इसकी शादी कर दी और इसे अपने मुस्लिम धर्म में शामिल करा लिया है। अब तुम्हारा इस पर कोई अधिकार नहीं है। काफिर कहते हुए धमकी दी कि यहां से भाग जाओ नहीं तो कत्ल करके जहन्नुम भेज देंगे। इस आपत्तिजनक कृत्य में मोहल्ले के 100 से 200 की मुस्लिम भीड़ ने जान से मारने का प्रयास करते हुए मॉब लिचिंग करने का दुस्साहस किया। किसी तरह वहां से जान बचाकर भागा।

दिनदहाड़े जिहाद, आदमपुर थाने पर नहीं हुई सुनवाई, काटता रहा पिता चक्कर
पीड़ित पिता ने पुलिस आयुक्त को बताया कि घटना के तुरंत बाद कज्जाकपुरा चौकी और आदमपुर थाना गया, लेकिन वहां से पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए टाल दिया कि बड़े साहब नहीं है, बाद में आना। इसके बाद भी कई बार गया लेकिन थाने पर मेरी सुनवाई नहीं हुई और न ही बेटी की बरामदगी का प्रयास किया गया। 

यह मामला न केवल नाबालिग बालिका के अपहरण, धर्म परिवर्तन और बाल विवाह का है, बल्कि एक सामान्य नागरिक को न्याय से वंचित करने और दिनदहाड़े जिहाद करने जैसा गंभीर अपराध है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

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