यहां बता दें कि हड़िया-राजातालाब मार्ग के सिक्स लेन होने के बाद प्रयागराज तक का सफर बहुत आसान हो गया है। वर्ष 2022 की शुरुआत से ही इन सभी सड़कों के निर्माण पूरा होने से सफर कम समय में पूरा होगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि सड़कों का जाल बनारस से पूर्वांचल की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। दिसंबर तक सड़क से जुड़ी सभी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से शहर के विकास को भी लाभ होगा।
मध्यप्रदेश की सीमा से लगे हनुमना तक की सड़क को फोरलेन परियोजना वाराणसी के अलावा मिर्जापुर से भी गुजर रही है। इसमें कई जगह पर पुलिया निर्माण और जमीन अधिग्रहण में समस्या है। मगर, जल्द ही इसे सुलझा लिया जाएगा। इसके अलावा नेशनल हाइवे की मजबूत कनेक्टिविटी से बिहार तक का सफर फर्राटा के साथ पूरा हो जाएगा।
प्रदेश सरकार वाराणसी-प्रयागराज हाईवे किनारे औद्योगिक कलस्टर बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जाएगी। इसके अलावा इस हाईवे को जोड़ते हुए बन रहे रिंग रोड भी पूर्वांचल की कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे।
- एनएच 233 घाघरा ब्रिज से वाराणसी परियोजना
- एनएच-56 सुल्तानपुर- वाराणसी परियोजना
- एनएच-29 वाराणसी- गोरखपुर परियोजना
- राजातालाब से हरहुआ रिंग रोड परियोजना