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बड़ी सौगात: बनारस में बनेगा प्रदेश का पहला सांस्कृतिक केंद्र, भोजपुरी फिल्म सिटी को मिल सकती है हरी झंडी

Wed, 30 Sep 2020 10:45 AM IST
गीतार्जुन गौतम शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
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बनारस शहर। - फोटो : अमर उजाला
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धर्म, कला और आध्यात्म की नगरी काशी को नवंबर में बड़ी सौगात मिल सकती है। पिंडरा के नागापुर में प्रदेश के पहले सांस्कृतिक केंद्र को मूर्त रूप देने की कवायद शुरू कर दी गई है। सांस्कृतिक केंद्र के लिए पर्यटन विभाग ने 230 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है और अब उस पर कब्जा भी ले लिया गया है।

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इसके अलावा यहां दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर अलग-अलग प्रदेशों के भवन और वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट के स्थायी स्टॉल भी बनाने की तैयारी है। इसके अलावा यहां भोजपुरी फिल्म सिटी को भी विकसित किया जाएगा।


दिव्य काशी-भव्य काशी को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक केंद्र की कवायद तेज हो गई है। पर्यटन विभाग की इस योजना में सांस्कृतिक केंद्र में भोजपुरी फिल्म सिटी, प्रवासी भारतीय भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा थीम पार्क, ट्रेनिंग सेंटर, थिएटर, प्रेक्षागृह, म्यूजियम, कल्चरल एक्टिविटी के संरक्षण के लिए लोककला केंद्र, कथक सेंटर के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

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दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी काशी में लंबे समय से सांस्कृतिक केंद्र बनाने की मांग की जा रही है। ऐसे में पर्यटन विभाग ने पिंडरा के नागापुर गांव में किसानों से 230 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। कोरोना काल में इस जमीन पर पर्यटन विभाग ने कब्जा लेकर उसका चिह्नांकन भी कर लिया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आगामी नवंबर में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये में प्रदेश का पहला कल्चरल हब (सांस्कृतिक केंद्र) काशी की जनता को मिल सकता है।

परियोजना से पहले अधिग्रहित हुई जमीन
वाराणसी की यह पहली ऐसी परियोजना होगी, जिसमें निर्माण तय होने से पहले पूरी जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। पहले 150 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव बना था, मगर नागापुर में 240 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। कारण, इस बड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना में किसानों का विरोध सहित अन्य किसी बाधा से सरकार नहीं जूझना चाहती है। यही कारण है कि काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण की घोषणा होगी।
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पहली साइंस यूनिवर्सिटी का भी प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने देश की पहले साइंस यूनिवर्सिटी को इस जमीन पर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि अधिग्रहण पर्यटन विभाग ने किया है। ऐसे में इस प्रस्ताव पर अमल से पहले जमीन को हस्तांतरित करनी होगी। इसके अलावा साइंस यूनिवर्सिटी के लिए करीब 50 एकड़ जमीन और अधिग्रहित करनी होगी।

पिंडरा के नागापुर में अधिग्रहित 230 एकड़ जमीन पर कब्जा प्राप्त कर लिया है। शासन स्तर पर परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मंथन किया जा रहा है। सांस्कृतिक केंद्र और साइंस यूनिवर्सिटी सहित प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव है। जल्द ही इस पर निर्णय होगा। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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