क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि सिगरा थाना क्षेत्र के सोनिया इलाके के गुजराती गली में गाजीपुर स्थित बिरनो क्षेत्र निवासी रामाश्रय चौहान नामक व्यक्ति एक मकान में अवैध तरीके से सैनिटाइजर पैकिंग का काम कर रहा है। सिगरा पुलिस के सहयोग से टीम ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान कर्मचारी छोटे-छोटे बोतल और गैलनों में सैनिटाइजर पैक कर रहे थे। कर्मचारियों से पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर सोनिया-औरंगाबाद मार्ग स्थित दो अन्य ठिकानों पर दबिश देकर दो हजार लीटर माल बरामद किया गया। औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उनसे माल की जांच कराई गई। जांच में माल नकली साबित हुए। माल और उपकरणों को जब्त कर सभी कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
नहीं था लैब, बगैर लाइसेंस के चल रहा था गोरखधंधा
सोनिया क्षेत्र में एक रेडीमेड कपड़े की दुकान की आड़ में नकली सैनिटाइजर बनाने का खेल चल रहा था। टीम में शामिल वाराणसी और चंदौली के ड्रग अधिकारियों ने बताया कि यह सैनिटाइजर नकली है। इंदौर की नामी कंपनी के नाम से पैक होने वाले माल की गुणवत्ता परखने के लिए यहां कोई भी लैब नहीं था। बिना लाइसेंस के ही यह गोरखधंधा चल रहा था। सहायक औषधि आयुक्त आरके गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते शासन ने सैनिटाइजर विक्रेताओं को छूट दी है, लेकिन यहां संचालक के पास कोई लाइसेंस नहीं है। सुरक्षा का कोई मानक नहीं। सैनिटाइजर के नाम पर मिलावटी कैमिकल भरे जा रहे हैं। वही मौके पर उपस्थित डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने बताया कि पुलिसिया कार्रवाई में मौके से कोई वैध प्रपत्र नहीं मिले हैं। संचालक समेत मौके से पकड़े गए 11 लोगों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।