फैजाबाद-मुगलसराय पैसेंजर ट्रेन बेपटरी
- फोटो : अमर उजाला
फैजाबाद से वाराणसी होते हुए मुगलसराय जा रही पैसेंजर ट्रेन बुधवार को कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर डिरेल हो गई। गनीमत रही कि उस वक्त ट्रेन की रफ्तार कम थी नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन इंजन के दो चक्के पटरी से उतर गए।
प्लेटफार्म पर उतरने की तैयारी कर रहे कई यात्री, अचानक झटके के साथ ट्रेन के रुकने की वजह से घायल हो गए। थोड़ी देर के लिए प्लेटफार्म पर यात्रियों में अफरा-थफरी मच गई वहीं रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
लगभग तीन घंटे तक प्लेटफार्म नंबर चार प्रभावित रहा। इस कारण आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं।
ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजा जाएगा। इससे पहले यह ट्रेन इसी वर्ष 21 जनवरी को कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड में बेपटरी हो गई थी। फैजाबाद से चलकर वाराणसी होते हुए मुगलसराय जाने वाली पैसेंजर जब प्लेटफार्म नंबर चार पर लगने वाली थी तो कुछ यात्री ट्रेन के दरवाजे पर खड़े हो गए थे।
ट्रेन 4:20 बजे प्लेटफार्म के अंदर घुसी और उसके दो चक्के पटरी से उतर गए। तेज आवाज के साथ इंजन रुक गया। झटके की वजह से कई यात्री गाड़ी में इधर-उधर टकराकर घायल हो गए। कई प्लेटफार्म ब्लॉक होने की वजह से ट्रेन से बोगी काटकर अलग किया गया और उसे दूसरा इंजन लगाकर प्लेटफार्म नंबर पांच पर ले जाया गया।
जहां से उसे मुगलसराय के लिए रवाना किया गया। इधर दुर्घटना राहत यान को मंडुवाडीह स्टेशन से बुलाया गया। इंजन को पटरी पर लाया गया। लगभग सात बजे परिचालन सामान्य हो पाया।
लखनऊ-वाराणसी पैसेंजर सहित कई ट्रेनें आउटर पर रुकी रही। कई ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म पर लिया गया। ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दे दिए गए हैं।
कहीं साजिश का शिकार तो नही हुई ट्रेन
कई स्थानों पर फिश प्लेट भी टूटी
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पिछली कई घटनाओं की तरह फैजाबाद पैसेंजर भी साजिश का शिकार तो नही हुई।
कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर कई नट बोल्ट खुले मिले। यही नही ट्रैक को फिश प्लेट से मजबूती से बांधे रखने वाले कड़ी(चाभी)कई स्थानों पर गायब मिली। कई स्थानों पर फिश प्लेट भी टूटी हुई है।
इसके अलावा कई स्थान पर पटरियों के कसाव भी कमजोर नजर आए। आरपीएफ भी बारीकी से डिरेलमेंट के कारण तलाशती नजर आई।
घटना को लेकर भिड़ा लोको और इंजीनियरिंग विभाग
फैजाबाद-मुगलसराय पैसेंजर ट्रेन बेपटरी
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रेल इंजन के बेपटरी होने के बाद विभागीय लोग परिचालन सामान्य करने से ज्यादा एक दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ते नजर आए। जहां इंजीनियरिंग विभाग इंजन की खामी बता रहा था तो वहीं लोको के लोग पटरी की खामी की वीडियो रिकॉर्डिगिं करता दिखा। नोक-झोंक के बाद मारपीट की स्थिति पैदा हो गई। तभी आरपीएफ ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया।