पीएम द्वारा देशवासियों से ईंधन बचत को लेकर की गई अपील के बाद वाराणसी नगर निगम में हर शनिवार ‘नो फ्यूल डे’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। निगम ने ईंधन बचत में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है।
मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर निगम के पार्षदों ने निर्णय लिया है कि अब नगर निगम के जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन यानी हर शनिवार को पेट्रोल या डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। अर्थात शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ के रूप में मनाया जाएगा। नगर निगम मुख्यालय स्थित महापौर कक्ष में बुधवार को पार्षदों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।
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इस दौरान तय हुआ कि हर शनिवार को सभी पार्षद अपने घर से निगम कार्यालय तक आने के लिए पैदल, साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या इलेक्ट्रिक वाहनों का ही उपयोग करेंगे। बैठक के दौरान मेयर ने स्वयं उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की कि जब तक तेल का संकट बना हुआ है, तब तक वह अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक का सफर पैदल ही तय करेंगे। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। इसी क्रम में निगम ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है।
हालांकि, कूड़ा गाड़ियों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इससे मुक्त रखा गया है, क्योंकि निगम आवश्यक सेवा के दायरे में आता है। महापौर ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की है कि वे राष्ट्रहित में सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करें। बैठक में पूर्व उपसभापति सुरेश चौरसिया, श्याम आसरे मौर्य, अतुल पांडेय, मदन मोहन तिवारी, इंद्रेश कुमार, बलराम कन्नौजिया, अशोक मौर्य, प्रवीण राय, सुरेश गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे मौजूद रहे।