फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: फॉरेंसिक साइंस और डीएनए फिंगर प्रिंट के जनक के जनक थे डॉ. लालजी सिंह, बीएचयू में मनाई गई 76वीं जयंती

Wed, 05 Jul 2023 09:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के 25वें कुलपति और भारत में डीएनए फिंगर प्रिंट के जनक डॉ. लालजी सिंह की 76वीं जयंती बुधवार को मनाई गई। डॉ. लालजी सिंह के शिष्य प्रो. ज्ञानेश्वर ने कहा कि बीएचयू से वह एक रुपये तनख्वाह लेते थे।
विज्ञापन
डॉ. लालजी सिंह की 76वीं जयंती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जंतु विज्ञान विभाग के जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि डीएनए फिंगर प्रिंट के जनक डॉ. लालजी सिंह ने फॉरेंसिक साइंस और डीएनए टेस्टिंग में एक नई क्रांति की शुरूआत की थी। उन्होंने देश के सबसे चर्चित राजीव गांधी मर्डर केस, नैना साहनी, स्वामी श्रद्धानंद, सीएम बेअंत सिंह, मधुमिता मर्डर और मंटू मर्डर केस को भारतीय डीएनए फिंगर प्रिंट तकनीक के जरिये सुलझाया था।

विज्ञापन


वह बुधवार को विभाग की प्रयोगशाला में डॉ. लालजी सिंह की 76वीं जयंती पर संबोधित कर रहे थे। छात्रों एवं अध्यापकों ने डॉक्टर लालजी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर नमन किया। डॉ. लालजी सिंह के शिष्य प्रो. ज्ञानेश्वर ने कहा कि बीएचयू से वह एक रुपये तनख्वाह लेते थे।
ये भी पढ़ें: शारजाह से आए यात्री ने ऐसी जगह छिपाया 50 लाख का सोना, जानकर आपको नहीं होगा यकीन
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने 1988 में नई दिशा देने के लिए डीएनए फिंगर प्रिंट तकनीक को खोजा था। इस दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. अभय कुमार सिंह ने भी पूर्व कुलपति को नमन किया। इस दौरान डॉ. राहुल मिश्रा, प्रज्जवल प्रताप सिंह, वन्या सिंह, देबोश्रुति दास, प्रियदर्शिका प्रधान मौजूद रहे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें