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Diwali 2020: दिखा सख्ती का असर, कम हुआ धूमधड़ाका, पर कुछ लोग रहे बेपरवाह

Sun, 15 Nov 2020 05:22 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी में पड़ा पटाखों का कचरा। - फोटो : अमर उजाला
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एनजीटी न्यायालय के निर्देश के बाद पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध का कुछ असर शनिवार की रात जिले में दिखा। जिले के ज्यादातर लोगों ने पटाखों से दूरी बना कर रखी तो कई लोग आराम से आतिशबाजी करते हुए भी नजर आए।

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हालांकि पिछली बार की दिवाली की तरह इस बार न धुआं देखने को मिला और न लगातार धमाके सुनाई दिए। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई खास सख्ती पटाखे जलाने वालों को रोकने को लेकर नहीं दिखी। वहीं, बनारस में जहां भी पटाखे जलाए वहां, उसका कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा दिखा। देखकर लगा जैसे पटाखों बहुत फोड़े गए हों।
 

 

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शाम होते ही सुनाई दी आवाज, ज्यादा जोर रोशनी पर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध का बहुत असर दिवाली पर नजर नहीं आया। चेतगंज, लहुराबीर, गोदौलिया, मलदहिया और जगतगंज इलाके में शाम ढलने के बाद पटाखों की आवाज बढ़ती चली गई। हालांकि यह जरूर रहा कि पिछले साल के मुकाबले इस दिवाली पटाखों का शोर कम रहा। रॉकेट और तेज आवाज वाले पटाखे कम दिखे। अधिकांश लोगों ने तेज आवाज की बजाय रौशनी वाले पटाखों पर जोर दिया।

प्रतिबंध का खास असर नहीं, शोर में आई कमी
लंका इलाके में शाम छह बजे के बाद आसमान में सतरंगी छटा बिखेरने वाले पटाखे दिखाई देने लगे। गलियों और कालोनियों में चोरीछिपे दुकानों पर पटाखे की बिक्त्रस्ी होती रही। बीएचयू कैंपस से लगायत आसपास के क्षेत्र भगवानपुर, सीरगोवर्धनपुर, छित्तूपुर, सामने घाट से लेकर डाफी बाईपास के इर्दगिर्द के गांवों में आतिशबाजी हुई। इसके साथ ही अस्सी, शिवाला और भदैनी, रवींद्रपुरी, गुरुधाम और दुर्गाकुंड आदि कई क्षेत्रों में भी युवा पटाखे जलाते दिखे। इस दौरान कई युवा पटाखे जलाते हुए मोबाइल में वीडियो और ग्रुप फोटो भी खींचे।

पुराने पटाखे काम आए, खरीदने के लिए भटकते रहे
प्रशासन की रोक और बाजार में आसानी से पटाखे न मिलने से लोग पुराने पटाखों से ही काम चलाते दिखे। औरंगाबाद, सोनिया, सिद्धगिरीबाग, लक्सा, नई सड़क, कालीमहाल आदि इलाकों में रह-रह कर पटाखों की आवाज सुनाई देती रही। इन इलाकों में झालर, दीया और मोमबत्ती की सजावट के बीच अचानक तेज धमाका बता रहा था कि पटाखों पर प्रतिबंध का कोई खास असर नहीं है। वहीं शाम के समय कई लोग अपने घर के बच्चों को लेकर पटाखे खोजते भी दिखे।
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चोरीछिपे दोगुनी कीमत पर खूब बिके पटाखे
जिले भर में दर्जनों जगह शनिवार की दोपहर बाद चोरीछिपे जमकर पटाखे बिके। इस दौरान दुकानदारों ने पटाखों की दोगुनी कीमत वसूली। पटाखे बेचे भी उसे ही जा रहे थे जो किसी न किसी तरह से परिचित हो। कुछेक जगह तो पुलिस भी पटाखे बिकने की दुकान के आसपास ही मौजूद थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस वालों का कहना था कि त्योहार के दिन दो पैसे कमाने की आस में बैठे व्यक्ति को क्यों नाहक में परेशान किया जाए।
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