महाहर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
महाहर धाम के महंथ पंडित रविशंकर तिवारी ने बताया कि रविवार रात 12:30 बजे से श्रद्धालुओं ने दर्शन शुरू कर दिए थे। सोमवार शाम चार बजे तक 1.10 लाख लोग दर्शन-पूजन कर चुके थे। बुढ़वा महादेव गहमर में 28 हजार, चौमुखनाथ धाम में 25 हजार, बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर में 26 हजार, मनभद्र बाबा मंदिर में 24 हजार और नागेश्वर धाम में 22 हजार श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। देवकली शिव मंदिर में 13 हजार, बाबा महेश्वरनाथ मंदिर में 10 हजार, बुढ़वा महादेव सैदपुर और वीरपुर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में छह-छह हजार, सोमेश्वर महादेव में छह हजार, झारखंडेय महादेव में तीन हजार और गोराबाजार के बड़ा महादेवा मंदिर में दो हजार श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया।
अधिकारियों ने किया जलाभिषेक
मरदह। प्रसिद्ध महाहर धाम में रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कई भक्त दंडवत यात्रा, साइकिल, मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन और ई-रिक्शा से मंदिर पहुंचे। रविवार देर रात उप जिलाधिकारी कासिमाबाद संजय कुमार कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुमार सोनकर, एडीएम वित्त वेद सिंह चौहान, तहसीलदार कौशल चौरसिया, सीओ अनुभव राजर्षि और बीडीओ सुवेदिता सिंह आदि अधिकारियों ने मंदिर में पूजन-अर्चन कर जलाभिषेक किया।
नागपंचमी पर घर-घर हुई नाग देवता की पूजा
सावन के तीसरे सोमवार के साथ सोमवार को जिले में नागपंचमी का पर्व भी हर्षोल्लास से मनाया गया। लोगों ने नाग देवता का प्रतीक बनाकर धूप-अगरबत्ती से पूजन के बाद दूध, लावा, फूल और माला अर्पित किया। सिधागरघाट क्षेत्र के पाली, सिधागरघाट, महडौर, बेरुकही, मुहम्मदपुर कुसुम, सुरवत, मुहम्मदपुर टंडवा और साधापुर में नागपंचमी मनाई गई। कासिमाबाद क्षेत्र में मऊ रोड स्थित सोनबरसा हरिशंकरी के पास संकट मोचन हनुमान मंदिर में हनुमान पताका लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। भांवरकोल और खानपुर क्षेत्र में भी नाग देवता की पूजा की गई।
लोटन इमली में लगा मेला
नागपंचमी पर शहर के लोटन इमली पुलिस चौकी के पास मेले का आयोजन किया गया। यहां श्रृंगार, खिलौने और खाने-पीने की दुकानों पर भीड़ रही। महिलाओं, युवतियों और बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखा। लोगों ने जरूरत के सामान की खरीदारी की।