कोरोना काल में मरने वालों की आत्मा की शांति, कल्याण, तर्पण तथा मोक्ष की प्राप्ति की कामना के साथ शृंगेरी मठ में अध्यात्म गो सेवा मिशन ट्रस्ट की ओर से सात दिवसीय भागवत कथा आरंभ हुई। कथा वाचक पंकज शास्त्री महाराज ने कहा कि संसार में भय का कारण भगवान से विमुख होना है। श्रद्धा, भक्ति से भगवान का भजन अभय का कारण है। भगवान हृदय से भाव व प्रेम को देखते हैं। उत्तम भागवत धर्म यही है कि हम निष्काम भाव से भगवान को सौंप दें।
इसके पूर्व पितृ कल्याण यज्ञ एवं तर्पण का आयोजन अस्सी घाट पर किया गया। पंकज शास्त्री ने बताया कि शृंगेरी मठ में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का उद्देश्य है कि कोरोना महामारी में जितने भी सनातनधर्मियों के शरीर शांत हुए हैं उनकी आत्मा को शांति मिले। कथा सत्र से पूर्व प्रात: काल पितृ कल्याण यज्ञ का अनुष्ठान भी मठ परिसर में किया गया। शाम को कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पीएम नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी, सीता बेन मोदी व रानिका जायसवाल ने श्रीमद्भागवत की आरती उतारी। भागवत कथा के दौरान कोरोना काल में बेहतर कार्य करने वाले नागरिकों तथा समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान सचिन मिश्र, प्रिया मिश्रा, अनुज राही हिंदुस्तानी, बंदना रघुवंशी, धर्मेंद्र त्रिपाठी, राजेश पांडेय विजेता, गौरव मिश्र, अखिलेश रावत आदि मौजूद रहे।