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अवसाद और घरेलू कलह बन रहे आत्महत्या की वजह

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मऊ। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों में आत्महत्या की प्रवृति तेजी से बढ़ी है। खासकर कोरोना काल के बाद से कुछ ज्यादा ही आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। आर्थिक तंगी, अकेलापन, घरेलू कलह, प्रेम संबंध तथा कारोबार में नुकसान की वजह से भी लोगों में डिप्रेशन बढ़ा है। डिप्रेशन के कारण आत्महत्या की घटनाएं काफी बढ़ी हैं। जिले में हर माह तीन से चार आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। अधिकतर मामलों में डिप्रेशन और घरेलू कलह ही मुख्य वजह सामने आती हैं।
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जिले भर में हुई आत्महत्याओं पर नजर डाली जाए तो अधिकतर मामलों में डिप्रेशन, पारिवारिक कलह और प्रेम प्रसंग ही मुख्य रहते हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र के भीटी रेलवे पुल के नीचे नौ अगस्त को एक 35 वर्षीय युवक ने अकेलेपन के कारण ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं सात सितंबर को भी शहर कोतवाली के ख्वाजाजहांपुर ग्राम क्षेत्र के पास ट्रेन के सामने कूदकर प्रेमी युगल ने जान दे दी थी। दो सितंबर को ससुराल वालों से परेशान होकर पीआरवी में तैनात महिला सिपाही ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसे उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं मधुबन नगर पंचायत के बनियाबान निवासी एक किशोरी ने नौ मार्च को प्रेम प्रसंग को लेकर फांसी लगा ली थी। रामपुर थाना क्षेत्र के कुतुबपुर धनेवा में 30 मार्च को होली खेलने के दौरान पति-पत्नी के बीच उपजे विवाद के बाद पत्नी ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जान दे दी थी। हलधरपुर थाना क्षेत्र के चकरा गांव में तीन माह पूर्व 75 वर्ष की एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। रानीपुर थाना क्षेत्र में आत्महत्या की दो घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें एक 15 वर्षीय किशोर और एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्याओं के पीछे का अधिकतर कारण पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव ही माना गया है।
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