वाराणसी से आई विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को बीएसए कार्यालय में छापामारी कर वरिष्ठ लिपिक रमेशचंद प्रजापति को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। टीम उसे लेकर वाराणसी रवाना हो गई। लिपिक के खिलाफ वर्ष 2012 में आय से अधिक संपत्ति का मामला नगर कोतवाली में दर्ज हुआ था।
करीब 20 दिन पहले भी टीम ने दफ्तर में छापेमारी की थी लेकिन भनक लग जाने बाबू फरार हो गया था।
वर्ष 2012 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक रमेश चंद प्रजापति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।
जांच के दौरान 29-05-91 से 31-03-2013 के मध्य रमेश की वैध आय 1454881.35 रुपये थी जबकि उसके पास 1,60,24,976 रुपये की संपत्ति मिली। जौनपुर के कुत्तूपुर में दो मकानों के अलावा उसके पास लखनऊ में भी मकान और जमीन आदि हैं।
रमेश की पत्नी गीता देवी के सब्जी मंडी स्थित यूनियन बैंक के खाते में वर्ष 16-10-2002 से लेकर 31-03-2013 के मध्य एक करोड़ बयालिस लाख से अधिक रुपये जमा किए गए थे। इस अवधि में रमेश प्रजापति भवन निर्माण और ट्रांसफर का काम देखता था।
आरोपों की पुष्टि के बाद शुक्त्रस्वार को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी के वरिष्ठ निरीक्षक एएन राय के नेतृत्व में निरीक्षक रमेशचंद पांडे, राम प्रभाव राय, दयाशंकर यादव, प्रेमचंद यादव आदि की टीम सुबह कोतवाली पहुंची ।
नगर कोतवाल से मिलने के बाद टीम ने पुलिस बल के साथ बीएसए दफ्तर में छापा मारा और कार्यालय में बैठे रमेशचंद प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोतवाली में लिखापढ़ी के बाद आरोपी लिपिक को लेकर टीम वाराणसी रवाना हो गई।
इस संबंध में बीएसए शिवेंद्र सिंह ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। कहा मामला मेरे कार्यकाल के पहले का है।