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कोरोना का असर: काशी विश्वनाथ धाम में बिना थर्मल स्कैनिंग नहीं मिलेगा प्रवेश, गर्भगृह में जाने पर स्थायी रोक की तैयारी

Sun, 09 Jan 2022 01:09 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी विश्वनाथ धाम में रविवार से श्रद्धालुओं को थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। बिना मास्क के मंदिर में अब किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 

 
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श्री काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर दी गई है। रविवार से श्रद्धालुओं को थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। बिना मास्क के  मंदिर में अब किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद देश भर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। शासन ने मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब मंदिर में झांकी दर्शन की व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।

सीएम योगी ने भीड़ के इंतजाम का लिया था जायजा
13 दिसंबर के बाद 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने  काशी विश्वनाथ धाम में छह जनवरी को निरीक्षण के दौरान भीड़ के इंतजाम का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भीड़ प्रबंधन का  इंतजाम करने का निर्देश दिया था।
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झांकी दर्शन के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव तैयार

इसके बाद मंदिर प्रशासन ने लगातार उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए बाबा के स्पर्श और गर्भगृह में प्रवेश पर स्थायी रोक पर विचार कर  रहा है। इसके तहत अब भक्तों को बाहर से ही झांकी दर्शन कराया जाएगा और जलाभिषेक के लिए गर्भगृह के पास विशेष पात्र लगाए जाएंगे। झांकी दर्शन के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।  मंदिर प्रशासन भक्तों को दबाव को देखते हुए इस व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी में है। 

सामान्य दिनों से पांच से आठ गुना ज्यादा भक्त पहुंच रहे

काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों की मानें तो काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद सामान्य दिनों से पांच से आठ गुना ज्यादा भक्त पहुंच रहे हैं। फरवरी में पूरी तरह धाम खुलने के बाद निश्चित ही यह संख्या और बढ़ जाएगी।  पहली जनवरी को पांच लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किये थे और दो जनवरी को यह आंकड़ा दो लाख था।

गर्भगृह में सभी भक्तों को प्रवेश कराकर पूजन कराने में पुलिस प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी थी। बाहर से पहुंच रहे भक्तों की बड़ी संख्या के मद्देनजर मंदिर प्रशासन ने वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने के साथ ही काशीवासियों से सुबह 7 से 9 बजे तक दर्शन-पूजन नहीं करने की अपील भी की थी। 
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गर्भगृह के चारों प्रवेश द्वार पर बैरिकेड

काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भगृह के चारों प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगाया गया है। पीतल के विशेष पात्र (अर्घ्या) के जरिए भक्तों से जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कराया जा रहा है। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में झांकी दर्शन की व्यवस्था फौरी तौर पर लागू है। शासन के निर्देश पर स्थायी रूप से दर्शन कराने पर निर्णय लिया जाएगा।
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गर्भगृह में केवल पुजारी, सेवादार को प्रवेश

मंदिर प्रशासन की नई व्यवस्था के अनुसार गर्भगृह में केवल अर्चक, पुजारी और सेवादारों को प्रवेश दिया जाएगा। दैनिक पूजन और आरती की व्यवस्था निरंतर परंपरागत तरीके से जारी रहेगी। सेवादारों को केवल सफाई के लिए प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था वर्तमान में चल रही है।
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