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BHU Hospital: चिकित्सकों का हाल, परामर्श के बाद मरीजों को जांच के लिए भेजते हैं निजी अस्पताल

Tue, 27 Feb 2024 12:24 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

BHU Hospital: बीएचयू के मरीजों को अस्पताल के कई चिकित्सक बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। दूर-दराज से मरीज बीएचयू पहुंचते हैं लेकिन जांच के लिए उन्हें निजी केंद्रों पर भेजा जाता है। चिकित्सक बाहर के लिए पर्चे भी लिख रहे हैं।
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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल में दूर दराज से आने वाले मरीज बेहतर और सस्ते दाम पर इलाज कराने का सपना लेकर आते हैं, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी रेडियोथेरेपी विभाग में आने वाले कैंसर के मरीजों को हो रही हैं। ओपीडी हो या वार्ड डॉक्टर, मरीजों को निजी हॉस्पिटल में जांच के लिए भेज रहे हैं। इसके लिए पर्चे पर ही लिखकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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जांच के लिए निजी अस्पताल भेजे जाने की वजह से मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। साथ ही पेट स्कैन जांच भी बीएचयू में नहीं हो पाती है, इसके लिए भी मरीजों को निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है।

बीएचयू अस्पताल में कैंसर का कोई मरीज जाता है और डॉक्टर उसको फिजियोथेरेपी कराने की सलाह देते हैं तो उसके पर्चे पर सीधे तौर पर निजी हॉस्पिटल लिखकर वहां जांच कराने को लिख रहे हैं। साथ ही पेट स्कैन की जांच तो बीएचयू में है ही नहीं। इसके लिए मरीजों को महामना कैंसर संस्थान, निजी हॉस्पिटल समेत अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है।
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केस-1

चंदौली जिले के सैयदराजा निवासी 40 वर्षीय एक मरीज को मुंह में छाला था। बीएचयू के रेडियोथेरेपी विभाग में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने फरवरी के दूसरे सप्ताह में फिजियोथेरेपी कराने को कहा और अस्पताल में भर्ती वाले पर्चे पर निजी हॉस्पिटल के पीएमआर विभाग का नाम लिखकर वहां जाने को कहा। जबकि फिजियोथेरेपी बीएचयू में ही हो रही है।

कैंसर के मरीज को थेरेपी के लिए लिखी गई पर्ची



केस-2
नौबतपुर निवासी 51 वर्षीय महिला पेट में दर्द से परेशान थी। परिजन जनवरी में बीएचयू लेकर आए। यहां डॉक्टर ने पेट स्कैन कराने को कहा। यह भी बताया कि बीएचयू में यह जांच नहीं होती है। ऐसे में महामना कैंसर संस्थान के साथ ही निजी हॉस्पिटल में जाने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार बीएचयू में यह जांच होती तो ज्यादा राहत होती।

बोले अधिकारी
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि रेडियोथेरेपी विभाग के डॉक्टर के मरीजों को निजी अस्पताल भेजा जाना गलत है। इसके लिए विभागाध्यक्ष से बातकर इसको तत्काल प्रभाव से रोका जाएगा। पेट स्कैन जांच की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय स्तर से पहल की जाएगी।
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