विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई छात्रों ने विरोध किया है। केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्रों ने का कहना था कि इस तरह की कार्रवाई करके छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। इसके साथ साथ ही दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस करने की मांग की। कहा कि परीक्षा नियंता के साथ दुर्व्यवहार या धमकी नहीं दी गई। गुरुवार को 17वें दिन भी अनशन जारी रहा।