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व्यापारी हत्याकांड: शव को 3 हिस्से में काटा, सिर विश्व सुंदरी पुल से गंगा में फेंका, पढ़ें- हत्यारे की नृशंसता

Sat, 18 May 2024 05:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: चंद्रिका ने बताया कि साजिद ने उसे कहा था कि उसे 10 लाख रुपये मिलेंगे, उसमें से ढाई लाख रुपये वह उसे दे देगा। इस पर वह साजिद का साथ देने के लिए तैयार हुआ था। उधर, पुलिस वारदात में प्रयुक्त सब्बल और बांका बरामद करने के लिए चंद्रिका को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। चंद्रिका के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एडीसीपी काशी जोन चंद्रकांत मीणा के अनुसार दावर बेग और उनके भाइयों की जहां दुकान है, उस कॉम्प्लेक्स का मालिक साजिद अली का ससुर है। इस वजह से साजिद का वहां आना-जाना लगा रहता था और दावर से उसकी करीबी भी थी। दावर को उसने कहा था कि प्लास्टिक का जो कच्चा माल मार्केट में 120 रुपये का मिलता है, वह उसे 80 रुपये में दिला देगा। 

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उसने दावर को 10 लाख रुपये का कच्चा माल खरीदने को कहा था। इस पर दावर सात मई की शाम साजिद की बाइक के पीछे अपनी बाइक लेकर निकले। दावर को साजिद कटेसर स्थित सीमेंट के अपने गोदाम में ले गया। वहां चंद्रिका पहले से मौजूद था। साजिद ने शराब मंगवाई और तीनों ने पी। 

बातचीत के क्रम में साजिद को पता लग गया कि दावर कच्चा माल खरीदने के लिए रुपये लेकर नहीं आए हैं। इस पर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। साजिद को दावर समझाने लगे तो उसने अचानक सब्बल उठा कर उनके सिर के पिछले हिस्से पर वारकर उनकी हत्या कर दी। 
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इसके बाद चंद्रिका के साथ उसी रात शव को तीन हिस्से में काटा और सिर विश्व सुंदरी पुल से गंगा में फेंक दिया। आठ मई की शाम साजिद और चंद्रिका पुन: गोदाम पहुंचे और शव के दो अन्य हिस्सों को अलग-अलग जगह ले जाकर फेंक दिया।

एडीसीपी काशी जोन ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए एसओजी प्रभारी मनीष कुमार मिश्र के नेतृत्व में दरोगा अरुण प्रताप सिंह, गौरव सिंह व अमित यादव और लक्सा थानाध्यक्ष मनोज कुमार कोरी की टीम गठित की गई। सीसी फुटेज और सर्विलांस की मदद से चंद्रिका पकड़ा गया तो वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।

210 सीसी कैमरों और सर्विलांस की मदद से हुआ खुलासा
एसओजी ने नई सड़क से पड़ाव होते हुए कटेसर तक 210 सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस की मदद से सात मई की शाम 7:30 बजे से रात एक बजे तक दावर, साजिद और चंद्रिका के मोबाइल की लोकेशन कटेसर में एक ही स्थान पर मिली। इस आधार पर चंद्रिका की खोजबीन शुरू हुई तो वह काम की तलाश में विश्व सुंदरी पुल के समीप मिला।

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