Varanasi News: एनटीए की ओर से करवाए जा रहे सीयूईटी में परीक्षार्थियों को एहतियात के कड़े मानदंडों से गुजरना पड़ा। गेट पर बारीकी से चेकिंग की गई और छात्राओं के मेटलिक आभूषण ईयर रिंग, नोज पिन आदि उतरवा दिए गए। इलेक्ट्रॉनिक वॉच भी एलाउड नहीं थी। क्लासरूप में एंट्री से पहले छात्राें के बेल्ट निकलवाकर चेक किए गए।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के तीसरे दिन शुक्रवार को 621 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया। जिले के 13 केंद्रों पर दो पालियों में शारीरिक शिक्षा, भूगोल, एकाउंटेंसी और बीएसटी विषयों की परीक्षाएं कराई गईं। दोनों पालियों में 7767 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। आरोप है कि निर्धारित समय पर गेट न खोले जाने से परीक्षार्थियों को गर्मी और धूप में परेशानी हुई।
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सीयूईटी की शुरुआत गत 15 मई से हुई है। पहले दिन 74 केंद्रों पर लगभग 40 हजार परीक्षार्थियों ने विभिन्न विषयों की परीक्षाएं दी थीं। यह सबसे बड़ी परीक्षा थी। इसके बाद परीक्षार्थियों की संख्या घटती गई। शुक्रवार को सुबह की पाली में 10 से 10:45 और 12 से 12:45 बजे तक शारीरिक शिक्षा और भूगोल विषयों की परीक्षाएं तीन केंद्रों डीपीएस, धीरेंद्र महिला महाविद्यालय और सनबीम वरुणा पर कराई गईं।
दोपहर की पाली में 3:00 से 3:45 और 5:00 से 6:00 बजे तक एकाउंटेंसी और बीएसटी की परीक्षाएं 10 केंद्रों पर हुईं। परीक्षा के लिए कुल 7767 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, मगर इसके आठ फीसदी यानी कि 621 परीक्षार्थी अनुपस्थित हो गए। 7146 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। इस बीच कुछ अभिभावकों ने प्रवेश पत्र में दिए गए समय के मुताबिक परीक्षा शुरू करने में देरी का आरोप लगाया।
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कहा कि निर्धारित समय पर गेट न खोलकर लंबे समय तक परीक्षार्थियों को गर्मी और धूप में बाहर खड़ा रखा गया। सिटी को-ऑर्डिनेटर मुकेश शेलथ ने बताया कि 13 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई।