नाविक सोमवार यानी आज से 40 फीसदी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बैठाकर गंगा आरती दिखा सकेंगे। दशाश्वमेध और अस्सी घाट सहित छह घाटों पर गंगा आरती होती है। यह सुविधा सिर्फ शाम को गंगा आरती के दौरान ही मिलेगी। नावों के संचालन की अनुमति अभी नहीं दी गई है।
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गंगा में बाढ़ की वजह से दस जुलाई से छोटी और बड़ी नावों का संचालन बंद है। करीब 3500 नावें खड़ी हैं। इससे नाविक समाज नाराज हैं। गंगा निषाद राज सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रमोद मांझी और राकेश साहनी की अगुवाई में नाविकों ने बैठक भी की थी।
कहा था कि नाव संचालन से मांझी समाज के 40 हजार लोग जुड़े हैं। 45 दिन से नावों का संचालन बंद है। इसी का नतीजा रहा कि जल पुलिस ने नाविकों को राहत दी और 46वें दिन नाव में श्रद्धालुओं को बैठाकर गंगा आरती दिखाने की अनुमति दे दी।
जल पुलिस के कार्यवाहक प्रभारी शशि प्रताप सिंह ने बताया कि हर नाव में क्षमता से सिर्फ 40 फीसदी पर्यटक ही बैठ सकेंगे। लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नाव जब्त करके लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति नगर निगम से की जाएगी। गंगा का जलस्तर अभी सामान्य से ज्यादा है। चार टीमें लगातार निगरानी में लगी हैं।