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'मस्जिद में लाउडस्पीकर से होने वाली अजान से हो रही परेशानी', बीएचयू के छात्र का ट्वीट, पुलिस ने दिया कार्रवाई का निर्देश

Fri, 19 Mar 2021 02:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मस्जिद पर लाउडस्पीकर - फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश में मस्जिद में लाउडस्पीकर से अजान को लेकर परेशानी का एक और मामला सामने आया है। दूसरा मामला वाराणसी का है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के छात्र ने ट्वीट कर वाराणसी पुलिस से शिकायत की है। उसने बताया कि उसे मस्जिद में होने वाली अजान से परेशानी होती है, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई का आदेश दिया है। इससे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने एक मस्जिद में होने वाली अजान की तेज आवाज से होने वाली परेशानी की शिकायत की थी।

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जानकारी के अनुसार, बीएचयू के छात्र करुणेश पांडेय ने ट्वीट कर लिखा है कि वह वाराणसी के भदैनी इलाके में कमरा लेकर रहता है। उसने कहा कि हमारे बगल में मस्जिद है, जहां से हर दिन सुबह, दोपहर, शाम, रात लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से चिल्लाने से मानसिक अवरोध उत्पन्न होता है। महोदय से निवेदन है कि यथोचित उपाय करें। वाराणसी पुलिस ने उस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा कि उक्त प्रकरण के संबंध में भेलूपुर प्रभारी निरीक्षक को कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए हैं।

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय का ये था मामला 

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के घर के करीब एक मस्जिद से आने वाली अजान की तेज आवाज उन्हें ठीक से सोने नहीं देती। कुलपति ने प्रयागराज के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी कि अजान की अवाज उनकी नींद को खराब कर देती है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से अपेक्षा की थी कि वह क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। कुलपति ने एसएसपी, आईजी और कमिशर को भी पत्र की कॉपी भेजी थी। 

कुलपति की ओर से जिलाधिकारी को लिखा गया पत्र का विषय है, 'नॉयस पॉल्यूशन इन द सिविल लाइंस, प्रयागराज' यानी 'सिविल लाइंस, प्रयागराज में ध्वनि प्रदूषण। कुलपति ने अपने पत्र में लिखा था कि प्रतिदिन सुबह 5.30 बजे के असपास उनके घर के निकट स्थित मस्जिद से आने वाली अजान की तेज आवाज से उनकी नींद खराब हो जाती है। हालंकि उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी भी धर्म, जाति या संप्रदाय के खिलाफ नहीं हैं। 

कुलपति ने अपने पत्र में आगे लिखा था कि यहां तक रमजान के माह में सुबह चार बजे सहरी की घोषणा की जाती है। इसके कारण भी आसपास के लोगों को समस्या होती है। कुलपति ने डीएम से अपेक्षा की थी कि वह जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई करेंगे ताकि शांति कायम हो सके और अजान की तेज आवाज से परेशान लोगों को राहत मिल सके।
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